Pratiyogita Darpan January 2026 Current Affairs Hindi

प्रतियोगिता दर्पण जनवरी 2026: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाक्रम

यह शोध प्रतिवेदन जनवरी 2026 के नवीनतम समसामयिक घटनाक्रमों का एक व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें राष्ट्रीय राजनीति, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रक्षा रणनीति, अर्थव्यवस्था और खेल जगत की प्रमुख घटनाओं को समाहित किया गया है।

01. बिहार विधानसभा चुनाव 2025: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ऐतिहासिक विजय और राजनीतिक पुनर्गठन

बिहार की 18वीं विधानसभा के लिए नवंबर 2025 में दो चरणों में संपन्न हुए चुनावों ने राज्य की राजनीति को एक नया स्वरूप प्रदान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संयुक्त नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटों पर कब्जा कर लिया है । यह जीत इस मायने में ऐतिहासिक है क्योंकि एनडीए ने तीन-चौथाई से भी अधिक का बहुमत प्राप्त किया है, जिसने राजद और कांग्रेस की अगुवाई वाले महागठबंधन को मात्र 35 सीटों पर समेट दिया । इस चुनाव का सबसे बड़ा रणनीतिक बदलाव भारतीय जनता पार्टी (BJP) का उदय रहा, जिसने 89 सीटें जीतकर पहली बार बिहार में सबसे बड़े राजनीतिक दल का दर्जा हासिल किया है ।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रचंड जीत के पीछे मुख्य रूप से महिला मतदाताओं का ध्रुवीकरण और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं रहीं। विशेष रूप से ‘जिविका’ (Jeevika) नेटवर्क और ‘मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना’ ने ग्रामीण क्षेत्रों में एनडीए के पक्ष में एक मजबूत लहर पैदा की । निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस चुनाव में मतदान प्रतिशत 67.13% दर्ज किया गया, जो 1951 के बाद का अब तक का सर्वोच्च स्तर है । यह उच्च मतदान प्रतिशत राज्य में राजनीतिक जागरूकता और सत्ता के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। विपक्षी खेमे में राजद की सीटों का 75 से घटकर 25 पर आना तेजस्वी यादव के नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है ।

पार्टी/गठबंधनकुल सीटें (243)प्राप्त सीटें (2025)2020 की तुलना में परिवर्तन
एनडीए (NDA)202202+77
भाजपा (BJP)10189+15
जनता दल (यू)10185+42
महागठबंधन (MGB)3535-75
राजद (RJD)14425-50
कांग्रेस (INC)616-13

02. नीतीश कुमार का 10वाँ कार्यकाल: सुशासन की निरंतरता और प्रशासनिक अनुभव का लाभ

नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की । लगभग दो दशकों तक राज्य की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार अब भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों की श्रेणी में आठवें स्थान पर पहुँच गए हैं । उनके साथ भाजपा के सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने पुनः उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय का संकेत है ।

नीतीश कुमार का नया मंत्रिमंडल सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का एक संतुलित मिश्रण प्रस्तुत करता है। शपथ लेने वाले 26 मंत्रियों में 14 भाजपा से, 8 जनता दल (यू) से और शेष सहयोगी दलों से हैं । प्रशासनिक स्तर पर, यह कार्यकाल बिहार के औद्योगिक विकास और कृषि रोडमैप के अगले चरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, नीतीश कुमार की ‘विकास के साथ न्याय’ की नीति और ‘सात निश्चय-2’ के लक्ष्यों को अब और अधिक गति मिलने की संभावना है। उनकी निरंतरता न केवल राज्य में प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करती है बल्कि पड़ोसी राज्यों के साथ सीमा विवादों और जल प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी एक अनुभवी नेतृत्व प्रदान करती है .

03. दिल्ली लाल किला आतंकी विस्फोट: ‘व्हाइट कॉलर आतंकवाद’ की नई और गंभीर चुनौती

10 नवंबर 2025 की शाम दिल्ली के लाल किले के निकट हुए एक भीषण कार विस्फोट ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया। इस आत्मघाती हमले (Suicide Attack) में कम से कम 15 निर्दोष व्यक्तियों की मृत्यु हो गई और 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए । प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विस्फोटक के रूप में अमोनियम नाइट्रेट और ईंधन तेल (ANFO) का उपयोग किया गया था, जिसे एक सफेद हुंडई i20 कार में रखा गया था । वाहन चालक की पहचान डॉ. उमर मोहम्मद के रूप में हुई, जो फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर थे ।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की गहन जांच ने समाज के एक उच्च शिक्षित वर्ग के कट्टरपंथ की ओर झुकाव को उजागर किया है, जिसे ‘व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल’ (White Collar Terror Module) का नाम दिया गया है । इस मॉड्यूल में कश्मीरी मूल के डॉक्टर और प्रोफेसर शामिल थे, जो जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे संगठनों के संपर्क में थे । डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी ने इस बात की पुष्टि की है कि आतंकी संगठन अब तकनीकी और बौद्धिक रूप से सक्षम पेशेवरों का उपयोग भर्ती और रसद (Logistics) सहायता के लिए कर रहे हैं । यह घटना भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा एजेंसियों को अब डिजिटल निगरानी और शैक्षणिक संस्थानों में कट्टरपंथ विरोधी कार्यक्रमों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना होगा।

04. सरदार पटेल जयंती: राष्ट्रीय एकता दिवस पर अब ‘गणतंत्र दिवस’ की तर्ज पर वार्षिक परेड

भारत सरकार ने देश की अखंडता के सूत्रधार सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) में गणतंत्र दिवस जैसी भव्य परेड का आयोजन किया जाएगा । इस परंपरा की शुरुआत 31 अक्टूबर 2025 को हुई, जिसकी सलामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ली । इस परेड का नेतृत्व पहली बार एक महिला सैन्य अधिकारी ने किया, जो भारतीय सशस्त्र बलों में बढ़ते नारी शक्ति के प्रभाव को दर्शाता है ।

इस पहल का व्यापक उद्देश्य देश की विविध संस्कृतियों और सुरक्षा बलों की शक्ति का एकीकरण प्रदर्शित करना है। परेड में विभिन्न राज्यों के पुलिस बलों, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने भाग लिया। रणनीतिक रूप से, यह आयोजन भारत की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को वैश्विक पटल पर मजबूती से रखता है। भविष्य में इस परेड को और अधिक समावेशी बनाने के लिए इसमें झांकियों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की योजना है, जिससे यह राष्ट्रीय गौरव का एक प्रमुख केंद्र बन सके।

05. लखनऊ की वैश्विक उपलब्धि: यूनेस्को ‘क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क’ (UCCN) में पाक कला श्रेणी में शामिल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को एक नया आयाम दिया है। 31 अक्टूबर 2025 को ‘विश्व शहर दिवस’ के अवसर पर यूनेस्को ने लखनऊ को अपने क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क (UCCN) में शामिल करने की घोषणा की । लखनऊ को यह गौरव उसकी समृद्ध पाक कला (Gastronomy) के लिए प्रदान किया गया है । इस उपलब्धि के साथ ही लखनऊ भारत का 9वाँ ऐसा शहर बन गया है जो इस विशिष्ट वैश्विक सूची में स्थान रखता है ।

लखनऊ की इस सफलता का मुख्य आधार यहाँ के पारंपरिक व्यंजन, विशेष रूप से अवधी व्यंजन और उनकी सदियों पुरानी निर्माण शैली है। यूनेस्को का यह नेटवर्क 8 श्रेणियों (जैसे शिल्प, डिजाइन, फिल्म, साहित्य, संगीत आदि) में रचनात्मकता को शहरी विकास का आधार बनाने वाले शहरों को सम्मानित करता है । लखनऊ के शामिल होने से शहर के पर्यटन क्षेत्र को भारी प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय रसोइयों व कारीगरों को वैश्विक मंच प्राप्त होगा। सरकार अब लखनऊ में एक अंतरराष्ट्रीय ‘पाक कला संग्रहालय’ (Gastronomy Museum) स्थापित करने पर विचार कर रही है ताकि इस विरासत को संरक्षित किया जा सके।

भारतीय शहरयूनेस्को श्रेणीशामिल होने का वर्ष
जयपुरशिल्प एवं लोक कला2015
वाराणसीसंगीत2015
हैदराबादपाक कला (Gastronomy)2019
लखनऊपाक कला (Gastronomy)2025

06. ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष: राष्ट्रभक्ति के ज्वार को पुनर्जीवित करने वाला स्मरणोत्सव

भारत के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सरकार ने वर्ष भर चलने वाले व्यापक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है । बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत न केवल स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र बना, बल्कि इसने भारतीय राष्ट्रवाद की नींव को भी मजबूत किया। स्मरणोत्सव का उद्देश्य आधुनिक पीढ़ी को इस गीत के ऐतिहासिक महत्व और इसके पीछे के क्रांतिकारी संघर्ष से परिचित कराना है।

कार्यक्रमों की श्रृंखला में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन, निबंध प्रतियोगिताओं और विशेष वृत्तचित्रों के प्रदर्शन शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आयोजन ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है। गीत की रचना के समय की परिस्थितियों और इसके आनंदमठ उपन्यास से जुड़ाव पर केंद्रित विशेष संग्रहालयों की स्थापना भी की जा रही है। यह स्मरणोत्सव भारत की एकता और अखंडता के प्रति संकल्प को दोहराने का एक अवसर है, जो वर्तमान कूटनीतिक और आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक है।

07. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की राफेल उड़ान: रक्षा क्षेत्र में महिला नेतृत्व और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रतीक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल (Rafale) लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर एक नया इतिहास रच दिया है। वह इस अत्याधुनिक लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली देश की पहली महिला राष्ट्रपति बन गई हैं । यह उड़ान न केवल सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर के रूप में उनकी सक्रियता को प्रदर्शित करती है, बल्कि यह ‘नारी शक्ति’ और भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत का वैश्विक संदेश भी है।

राफेल विमान अपनी मारक क्षमता और ‘स्टील्थ’ (Stealth) विशेषताओं के लिए जाना जाता है। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी और विदेशी तकनीकों के सफल एकीकरण के प्रति सरकार के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है। इस प्रतीकात्मक कदम का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर युवतियों को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है। उड़ान के पश्चात राष्ट्रपति ने वायुसेना के जांबाज पायलटों और तकनीकी टीम की दक्षता की सराहना की, जो भारत की सीमा सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है।

08. भारतीय हॉकी शताब्दी समारोह: गौरवशाली इतिहास से आधुनिक पुनर्जागरण तक का सफर

भारतीय हॉकी के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है । 1925 में भारतीय हॉकी संघ की स्थापना से शुरू होकर, ओलंपिक में आठ स्वर्ण पदक जीतने तक का सफर भारतीय खेल इतिहास का सबसे स्वर्णिम अध्याय रहा है। यह शताब्दी वर्ष न केवल पिछली उपलब्धियों के जश्न का है, बल्कि हॉकी को फिर से भारत का नंबर एक खेल बनाने के संकल्प का भी है।

शताब्दी समारोह के अंतर्गत पूरे देश में ‘एस्ट्रोटर्फ’ (AstroTurf) मैदानों का जाल बिछाने, ग्रामीण क्षेत्रों में हॉकी प्रतिभाओं को खोजने और पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों को सम्मानित करने की योजनाएं शामिल हैं। हाल के वर्षों में भारतीय पुरुष और महिला टीमों के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन, विशेषकर टोक्यो और पेरिस ओलंपिक के बाद आए सुधार ने इस खेल में नई जान फूँक दी है। हॉकी इंडिया ने घोषणा की है कि इस वर्ष एक विशेष ‘प्रो हॉकी लीग’ (Pro Hockey League) का आयोजन किया जाएगा ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को वैश्विक अनुभव मिल सके।

09. CMS-03 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण: अंतरिक्ष संचार में भारत की ‘बाहुबली’ छलांग

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 2 नवंबर 2025 को भारत के सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 को अपने शक्तिशाली रॉकेट LVM3 द्वारा सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया । 4410 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और इसे भू-स्थैतिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में भेजा गया है .

CMS-03 का मुख्य रणनीतिक महत्व हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारतीय नौसेना के संचार नेटवर्क को मजबूत करना है। इसमें लगे उन्नत ट्रांसपोंडर्स आपदा प्रबंधन, समुद्री नेविगेशन और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में उच्च गति डेटा सेवाएँ प्रदान करेंगे। इस सफल प्रक्षेपण ने भारत को उन चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर दिया है जो 4 टन से अधिक वजनी उपग्रहों को स्वतंत्र रूप से लॉन्च कर सकते हैं। यह मिशन न केवल इसरो की तकनीकी श्रेष्ठता को सिद्ध करता है बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत की वाणिज्यिक प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देता है।

10. यूजीसी (UGC) की फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: छात्रों के भविष्य की सुरक्षा

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए देश में संचालित फर्जी विश्वविद्यालयों की एक नई और व्यापक सूची जारी की है । इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों को उन संस्थानों से आगाह करना है जो बिना किसी वैधानिक अधिकार के डिग्रियाँ प्रदान कर रहे हैं और शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे हैं।

यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि इन फर्जी संस्थानों द्वारा दी गई कोई भी डिग्री उच्च शिक्षा या सरकारी और निजी रोजगार के लिए मान्य नहीं होगी। अधिकांश फर्जी विश्वविद्यालय दिल्ली, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारतीय राज्यों के शहरी क्षेत्रों में सक्रिय पाए गए हैं। आयोग ने इन संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है और छात्रों के लिए एक ‘वेरिफिकेशन पोर्टल’ लॉन्च किया है जहाँ वे किसी भी संस्थान की मान्यता की स्थिति जाँच सकते हैं। यह कदम शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है।

11. 27वाँ दिव्य कला मेला: दिव्यांग उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल

लखनऊ विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित 27वें ‘दिव्य कला मेले’ ने दिव्यांगजनों की अदम्य इच्छाशक्ति और रचनात्मकता का अद्भुत प्रदर्शन किया । सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस मेले का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों को उनके उत्पादों की बिक्री और ब्रांडिंग के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।

मेले में हस्तशिल्प, आधुनिक कलाकृतियाँ, पारंपरिक परिधान और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए। सरकार ने इस अवसर पर घोषणा की कि दिव्यांगजनों के उत्पादों को ‘जैम’ (GeM) पोर्टल और प्रमुख ई-कॉमर्स साइटों पर प्राथमिकता दी जाएगी। ‘दिव्य कला मेला’ न केवल आर्थिक लाभ प्रदान करता है, बल्कि यह समाज में दिव्यांगों के प्रति सहानुभूति के स्थान पर सम्मान और स्वावलंबन का भाव पैदा करता है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना का एक अत्यंत मानवीय पहलू है।

12. क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026: भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों का उत्कर्ष

हाल ही में जारी क्यूएस (QS) एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारतीय विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों ने अपनी स्थिति में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया है । रैंकिंग के अनुसार, भारत अब एशिया में सर्वाधिक प्रतिनिधित्व वाले देशों में से एक बन गया है, जहाँ आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली जैसे संस्थानों ने शीर्ष 50 में अपनी जगह पक्की की है।

इस सफलता का श्रेय अनुसंधान (Research) आउटपुट में वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय संकाय-छात्र अनुपात में सुधार और सरकार की ‘इंस्टीट्यूशन ऑफ एमीनेंस’ (IoE) योजना को दिया जा रहा है। रैंकिंग यह भी संकेत देती है कि भारतीय विश्वविद्यालय अब वैश्विक मानकों के अनुरूप अपनी शिक्षण पद्धतियों को ढाल रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट में उच्च शिक्षा में निवेश बढ़ाने और नवाचार (Innovation) के पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है ताकि भारतीय संस्थान शीर्ष 10 में अपनी जगह बना सकें।

13. राष्ट्रमंडल खेल 2030: अहमदाबाद को मेजबानी मिलना भारत की बढ़ती खेल शक्ति का प्रतीक

भारत के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) की मेजबानी का अधिकार अहमदाबाद को प्रदान किया गया है । 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के ठीक 20 वर्ष बाद भारत पुनः इस मेगा-स्पोर्टिंग इवेंट का आयोजन करेगा। यह निर्णय अहमदाबाद के विश्व स्तरीय खेल बुनियादी ढांचे, विशेषकर ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ और निर्माणाधीन ‘सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव’ को देखते हुए लिया गया है।

मेजबानी मिलने से न केवल गुजरात में पर्यटन और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के भारत के दावे को भी अत्यंत मजबूती प्रदान करेगा। सरकार ने इन खेलों के लिए ‘ग्रीन गेम्स’ (Green Games) की संकल्पना पेश की है, जहाँ सौर ऊर्जा और शून्य कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह आयोजन वैश्विक स्तर पर भारत की सांगठनिक क्षमता और आधुनिक छवि को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट अवसर होगा।

14. सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय: विधेयक पर राष्ट्रपति/राज्यपाल की मंजूरी के बिना कानून संभव नहीं

सर्वोच्च न्यायालय ने संवैधानिक प्रक्रियाओं पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति या राज्यपाल की औपचारिक मंजूरी के बिना कोई भी विधेयक कानून का रूप नहीं ले सकता । न्यायालय ने अपने ही एक पुराने फैसले को पलटते हुए यह व्यवस्था दी कि किसी समय-सीमा के बीत जाने मात्र से विधेयक पर ‘स्वतः स्वीकृति’ (Deemed Approval) की धारणा संवैधानिक रूप से मान्य नहीं है।

यह निर्णय उन विवादों के संदर्भ में आया है जहाँ कुछ राज्यों के राज्यपालों ने विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को अनिश्चितकाल के लिए लंबित रखा था। मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने निर्देश दिया कि राज्यपालों को विधेयकों पर ‘यथाशीघ्र’ निर्णय लेना चाहिए और यदि वे असहमत हैं, तो उन्हें उचित कारणों के साथ विधेयक पुनर्विचार के लिए वापस भेजना होगा। यह फैसला विधायिका की सर्वोच्चता और संवैधानिक प्रमुखों की जवाबदेही के बीच एक संतुलन स्थापित करता है, जो भारतीय लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करेगा ।

15. दुबई एयर शो 2025: तेजस विमान दुर्घटना और भारतीय वायुसेना का अदम्य साहस

दुबई एयर शो में प्रदर्शन के दौरान भारतीय वायुसेना का स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान ‘तेजस’ (Tejas) एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना का शिकार हो गया, जिसमें एक वीर पायलट की जान चली गई । यह घटना अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी के अंतिम दिन हुई, जिसने भारतीय रक्षा समुदाय को शोक संतप्त कर दिया।

तेजस का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन भारत की रक्षा निर्यात नीति और ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता को प्रदर्शित करने का हिस्सा था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, विमान में तकनीकी खराबी आई थी, किंतु पायलट ने अपनी जान की परवाह न करते हुए विमान को आबादी वाले क्षेत्र से दूर ले जाने का प्रयास किया, जो उनके सर्वोच्च बलिदान को दर्शाता है। सरकार और डीआरडीओ (DRDO) ने स्पष्ट किया है कि इस घटना से तेजस कार्यक्रम की विश्वसनीयता पर कोई असर नहीं पड़ेगा और सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा के बाद निर्यात आर्डरों को समय पर पूरा किया जाएगा ।

16. 56वाँ अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) गोवा: भारतीय सिनेमा के वैश्विक विस्तार का उत्सव

गोवा के सुरम्य तटों पर आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) ने वैश्विक सिनेमा के क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव को एक बार फिर सिद्ध कर दिया । इस वर्ष महोत्सव में 75 से अधिक देशों की 300 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें ‘सिनेमा के माध्यम से विश्व शांति’ का संदेश मुख्य रूप से उभर कर आया।

महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध फिल्मकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को ‘गोल्डन पीकॉक’ अवार्ड प्रदान किए गए। भारतीय सिनेमा के वैश्विक वितरण और ओटीटी (OTT) प्लेटफार्मों के साथ सहयोग पर केंद्रित विशेष सत्रों ने फिल्म उद्योग के लिए नए द्वार खोले हैं। गोवा अब न केवल एक पर्यटन केंद्र है, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय फिल्म उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और रचनात्मक हब के रूप में स्थापित हो चुका है। महोत्सव ने क्षेत्रीय सिनेमा, विशेषकर पूर्वोत्तर भारत की फिल्मों को भी एक विशेष मंच प्रदान किया।

17. जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP 30): बेलेम (ब्राजील) में विकासशील देशों की जीत

ब्राजील के बेलेम शहर में संपन्न हुए संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP 30) ने वैश्विक पर्यावरण नीति में एक नया मोड़ ला दिया है । ‘अमेज़न के प्रवेश द्वार’ पर आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य परिणाम ‘अडैप्टेशन फाइनेंस’ (Adaptation Finance) को 2035 तक तीन गुना करने का ऐतिहासिक संकल्प रहा । यह विकासशील देशों, विशेषकर भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत है जो लंबे समय से जलवायु न्याय की मांग कर रहे थे।

सम्मेलन में ‘बेलेम मिशन टू 1.5’ (Belem Mission to 1.5) लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के लिए राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं (NDCs) को और अधिक महत्वाकांक्षी बनाना है । भारत ने इस मंच पर अपने ‘लाइफ’ (LiFE – Lifestyle for Environment) अभियान को वैश्विक समाधान के रूप में पेश किया। इसके अतिरिक्त, उष्णकटिबंधीय वनों के संरक्षण के लिए ‘ट्रॉपिकल फॉरेस्ट्स फॉरएवर फैसिलिटी’ (TFFF) की स्थापना की गई, जो वनों के संरक्षण को आर्थिक रूप से लाभप्रद बनाएगी ।

18. जी-20 शिखर सम्मेलन 2025: जोहान्सबर्ग में ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को नई शक्ति

दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में जोहान्सबर्ग में संपन्न 20वें जी-20 शिखर सम्मेलन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और शासन में समावेशिता का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया । ‘एकता, समानता और स्थिरता’ की थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में अफ्रीकी संघ (AU) की स्थायी सदस्यता के बाद पहली बार अफ्रीका के मुद्दों को प्राथमिकता दी गई ।

शिखर सम्मेलन के दौरान ‘जोहान्सबर्ग लीडर्स डिक्लेरेशन’ अपनाया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों (जैसे IMF और वर्ल्ड बैंक) में सुधार और ऋण संकट से जूझ रहे गरीब देशों को राहत देने पर सहमति बनी । भारत ने अपनी ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (DPI) और ‘वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन’ (GBA) के सफल मॉडल को सदस्य देशों के साथ साझा किया। ‘मिशन 300’ के तहत 2030 तक उप-सहारा अफ्रीका के 300 मिलियन लोगों को बिजली प्रदान करने का संकल्प इस सम्मेलन की सबसे बड़ी मानवीय उपलब्धि मानी जा रही है ।

19. ‘युवा एआई फॉर ऑल’ (Yuva AI for All) मिशन: भारत की कृत्रिम मेधा क्रांति का आधार

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ‘इंडिया एआई मिशन’ के अंतर्गत ‘युवा एआई फॉर ऑल’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया है । यह अपनी तरह का पहला व्यापक डिजिटल साक्षरता अभियान है जो युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया से परिचित कराने के लिए 4.5 घंटे का एक निःशुल्क और स्व-गतिशील (Self-paced) पाठ्यक्रम प्रदान करता है ।

इस मिशन का लक्ष्य 1 करोड़ भारतीय नागरिकों को बुनियादी एआई कौशल से सशक्त बनाना है ताकि भारत इस उभरती हुई तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व कर सके । यह पाठ्यक्रम केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एआई के सुरक्षित, नैतिक और जिम्मेदार उपयोग पर भी जोर देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में ‘डिजिटल डिवाइड’ को कम करेगी और भविष्य के कार्यबल (Workforce) को चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए तैयार करेगी। सफल प्रतिभागियों को भारत सरकार द्वारा आधिकारिक प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

मॉड्यूल का नामउद्देश्यअवधि
एआई क्या है?बुनियादी परिभाषा और कार्य प्रणाली1 घंटा
सुरक्षित एआईनैतिकता और साइबर सुरक्षा1 घंटा
एआई के अनुप्रयोगभारतीय संदर्भ में उपयोग (शिक्षा, कृषि)1.5 घंटा
एआई का भविष्यनए रोजगार और नवाचार के अवसर1 घंटा

20. आईसीसी महिला विश्व कप 2025: भारतीय महिला क्रिकेट का स्वर्णिम अभ्युदय

नवी मुंबई के डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में संपन्न हुए आईसीसी महिला वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल में भारतीय महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया । यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए वैसा ही क्षण है जैसा पुरुष क्रिकेट के लिए 1983 की जीत थी।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें युवा सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 87 रनों की धुआंधार पारी खेली । गेंदबाजी में उप-कप्तान दीप्ति शर्मा ने घातक स्पेल डालते हुए 5 विकेट लिए और दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी । कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम इंडिया पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। इस ऐतिहासिक जीत ने देश में महिला खेलों के प्रति दृष्टिकोण को बदल दिया है और अब महिला क्रिकेटरों की ‘ब्रांड वैल्यू’ और विज्ञापनों में उनकी हिस्सेदारी में भारी वृद्धि देखी जा रही है ।

21 दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट विश्व कप: भारत की अदम्य शक्ति और दोहरी सफलता

आईसीसी महिला विश्व कप की ऐतिहासिक जीत के कुछ ही दिनों बाद, भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने भी अपना विश्व कप जीतकर भारत की खेल उपलब्धियों में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया । फाइनल में भारतीय टीम ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी को एकतरफा मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

यह सफलता दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बुनियादी ढांचे और सरकारी प्रोत्साहन में वृद्धि का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन खिलाड़ियों ने सिद्ध कर दिया है कि शारीरिक बाधाएं संकल्प के आगे कुछ भी नहीं हैं। ‘ब्लाइंड क्रिकेट’ में भारत का यह दबदबा विश्व स्तर पर पैरा-स्पोर्ट्स के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ाएगा। सरकार ने इन विजेताओं के लिए नकद पुरस्कारों के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में आरक्षण और विशेष पेंशन योजनाओं की घोषणा की है ताकि वे निश्चिंत होकर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

22 भारत में डेटा केंद्रों (Data Centers) का उदय: ऊर्जा और जल संकट की नई चुनौतियां

भारत वर्तमान में दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता ‘डेटा सेंटर हब’ (Data Center Hub) बन रहा है, किंतु इसके साथ ही ऊर्जा और जल संसाधनों की भारी खपत की गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं । आधुनिक डेटा केंद्रों के सर्वरों को चौबीसों घंटे ठंडा रखने के लिए करोड़ों लीटर पानी और गीगावाट स्तर की बिजली की आवश्यकता होती है।

सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए ‘ग्रीन डेटा सेंटर नीति’ (Green Data Center Policy) का मसौदा तैयार किया है, जिसके तहत इन केंद्रों को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का 50% हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा (सौर या पवन) से पूरा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, जल संकट वाले क्षेत्रों में ‘वाटरलेस कूलिंग’ (Waterless Cooling) तकनीक को बढ़ावा देने के लिए करों में छूट का प्रावधान किया गया है। यह डिजिटल संप्रभुता और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाने का भारत का एक साहसी प्रयास है, जो वैश्विक टेक कंपनियों को भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाएगा।

23 टीकाकरण कार्यक्रम की वैश्विक सफलता: भारत का ‘पब्लिक हेल्थ’ मॉडल

भारत ने टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली बीमारियों (Vaccine-preventable diseases) की रोकथाम में जो सफलता प्राप्त की है, वह दुनिया के लिए एक केस स्टडी बन गई है । ‘यूनीवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम’ (UIP) के तहत भारत ने चेचक और पोलियो जैसी बीमारियों को पूरी तरह समाप्त कर दिया है और अब ‘मिशन इंद्रधनुष’ के माध्यम से खसरा और हेपेटाइटिस जैसे रोगों पर निर्णायक प्रहार किया जा रहा है।

हाल ही में भारत ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए स्वदेशी रूप से विकसित ‘सरवावैक’ (CERVAVAC) वैक्सीन को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत के ‘को-विन’ (Co-WIN) प्लेटफॉर्म और रसद आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) की सराहना की है, जो अंतिम व्यक्ति तक वैक्सीन पहुँचाने में सफल रहा है। भारत अब वैक्सीन निर्माण में विश्व का अग्रणी केंद्र है, जो न केवल अपनी आवश्यकताएं पूरी कर रहा है बल्कि अफ्रीकी और दक्षिण एशियाई देशों को भी जीवन रक्षक टीके उपलब्ध करा रहा है।

24 नई श्रम संहिताएँ (New Labor Codes) लागू: श्रम सुधारों का नया युग

दशकों के इंतजार के बाद, भारत सरकार ने चार नई श्रम संहीताओं को तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की है, जो श्रम क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा सुधार है। ये संहिताएं 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को एकीकृत कर मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और व्यावसायिक सुरक्षा के सरल ढांचे में बदलती हैं .

इन संहिताओं का सबसे क्रांतिकारी पहलू ‘गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स’ (Gig and Platform Workers) जैसे जोमैटो, स्विगी और ओला के चालकों को पहली बार सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। साथ ही, महिलाओं को रात की पाली में कार्य करने की अनुमति और कार्यस्थल पर सुरक्षा के कड़े मानकों ने श्रम बाजार को अधिक समावेशी बनाया है। उद्योग जगत के लिए इससे ‘अनुपालन बोझ’ (Compliance Burden) कम होगा और विदेशी निवेश आकर्षित होगा। हालांकि, श्रमिक यूनियनों ने कुछ प्रावधानों पर चिंता जताई है, जिनके समाधान के लिए सरकार ने निरंतर संवाद और त्रिपक्षीय वार्ताओं का रास्ता खुला रखा है.

श्रम सुधार के पूर्वश्रम सुधार के पश्चात (2025-26)
कोई अनिवार्य नियुक्ति पत्र नहींसभी कामगारों के लिए लिखित नियुक्ति पत्र अनिवार्य
सीमित सामाजिक सुरक्षा कवरेजगिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स समेत सभी को कवरेज
न्यूनतम मजदूरी केवल कुछ उद्योगों परसभी क्षेत्रों के कामगारों के लिए कानूनी अधिकार
29 जटिल केंद्रीय कानून4 सरल और एकीकृत श्रम संहिताएं

25 डिजिटल परिसंपत्तियों (Digital Assets) का विनियमन: अवसर और जोखिम का संतुलन

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेज प्रगति ने क्रिप्टोकरेंसी, एनएफटी (NFT) और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) जैसी डिजिटल परिसंपत्तियों के विनियमन की आवश्यकता को अनिवार्य बना दिया है । सरकार और आरबीआई ने इन परिसंपत्तियों को केवल ‘निवेश उपकरण’ के रूप में नहीं, बल्कि ‘वित्तीय नवाचार’ के रूप में देखा है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने ‘डिजिटल रुपया’ (e-Rupee) परियोजना का विस्तार अब खुदरा और थोक दोनों स्तरों पर कर दिया है, जिससे लेनदेन की लागत और समय में भारी कमी आई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से, साइबर हमलों और धन शोधन (Money Laundering) को रोकने के लिए एक ‘क्रिप्टो-इंटेलिजेंस यूनिट’ (Crypto Intelligence Unit) स्थापित की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही विनियमन हो, तो डिजिटल परिसंपत्तियां भारत के सीमा पार भुगतान (Cross-border payments) में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं, जो विशेष रूप से विदेशी प्रेषण (Remittances) प्राप्त करने वाले परिवारों के लिए लाभकारी होगा .

26 नक्सलवाद के खिलाफ त्रिस्तरीय रणनीति: विकास, विश्वास और सुरक्षा का परिणाम

भारत के आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य में एक युगांतकारी परिवर्तन आया है, जहाँ नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। सरकार की ‘विकास, विश्वास और सुरक्षा’ की त्रिस्तरीय रणनीति ने लाल गलियारे (Red Corridor) को सिकोड़ कर मात्र 3 जिलों तक सीमित कर दिया है । गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, माओवादी हिंसा में पिछले दशक में 53% की कमी आई है और आम नागरिकों की मृत्यु दर में 70% की गिरावट दर्ज की गई है ।

सुरक्षा मोर्चे पर ‘ऑपरेशन प्रहार’ और ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ ने नक्सलियों के कोर कमांड को नष्ट किया है, जबकि विकास मोर्चे पर ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ और झारखंड के घने जंगलों में 12,000 किमी से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है । माओवादी नेताओं जैसे बंदी प्रकाश के आत्मसमर्पण ने इस आंदोलन की वैचारिक हार को सिद्ध किया है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक भारत को पूरी तरह से नक्सल मुक्त बनाना है, जो देश के आंतरिक लोकतंत्र की एक बड़ी जीत होगी ।

27 भारतीय वायुसेना: वैश्विक परिप्रेक्ष्य में तीसरी सबसे बड़ी शक्ति

भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपनी आधुनिकीकरण योजनाओं और रणनीतिक विस्तार के बल पर विश्व की तीसरी सबसे शक्तिशाली वायुसेना का गौरव प्राप्त कर लिया है । ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 में भारत चौथे स्थान पर रहा, किंतु परिचालन क्षमता और तकनीकी विविधता के आधार पर WDMMA ने इसे अमेरिका और रूस के बाद तीसरा स्थान दिया है।

वायुसेना के बेड़े में अब 1,716 से अधिक विमान शामिल हैं, जिनमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू जेट्स की प्रमुख भूमिका है । वायुसेना की ताकत केवल विमानों में नहीं, बल्कि उसकी ‘नेटवर्क-केंद्रित युद्ध’ (Network-centric warfare) क्षमता और अंतरिक्ष-आधारित परिसंपत्तियों में निहित है। हाल ही में संपन्न ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारतीय वायुसेना की सटीक मारक क्षमता और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर कौशल को दुनिया के सामने सिद्ध किया है, जिससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन भारत के पक्ष में झुक गया है ।

28 राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भूमिका: देश की प्रगति का नया रोडमैप

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल कार्यान्वयन के 5 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय शिक्षा प्रणाली में व्यापक संरचनात्मक परिवर्तन देखे गए हैं । नीति ने शिक्षा को रटने की पद्धति से हटाकर आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking) और कौशल आधारित शिक्षा की ओर मोड़ा है। स्कूली शिक्षा में 5+3+3+4 का नया ढांचा अब देश भर में लागू हो चुका है, जिससे प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल (ECCE) को पहली बार औपचारिक शिक्षा का हिस्सा बनाया गया है ।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में, क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियरिंग और मेडिकल की शिक्षा प्रदान करने की पहल से भाषाई बाधाएं दूर हुई हैं। ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ (ABC) और ‘नेशनल रिसर्च फाउंडेशन’ (NRF) ने अनुसंधान के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दिया है। हालांकि, नीति के सामने अभी भी वित्त पोषण (GDP का 6%) और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, जिनके समाधान के लिए सरकार ‘डिजिटल यूनिवर्सिटी’ और ‘ई-विद्या’ जैसे कार्यक्रमों को गति दे रही है .

29 भारत का संलयन ऊर्जा (Fusion Energy) रोडमैप: 2060 तक स्वच्छ और असीमित बिजली

गांधीनगर स्थित प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान (IPR) के वैज्ञानिकों ने भारत का पहला महत्वाकांक्षी संलयन ऊर्जा रोडमैप तैयार किया है । इस योजना के तहत भारत अपना पहला संलयन-विखंडन हाइब्रिड रिएक्टर ‘SST-भारत’ (SST-Bharat) विकसित करेगा। संलयन ऊर्जा वही प्रक्रिया है जो सूर्य को शक्ति प्रदान करती है, और इसे धरती पर नियंत्रित करना वैज्ञानिक जगत की सबसे बड़ी चुनौती है ।

विखंडन (Fission) के विपरीत, संलयन ऊर्जा में रेडियोधर्मी कचरा लगभग शून्य होता है और मेल्डडाउन का कोई खतरा नहीं रहता। भारत फ्रांस में निर्माणाधीन विश्व के सबसे बड़े फ्यूजन प्रोजेक्ट ITER का संस्थापक सदस्य है और वहां की तकनीकों को अब स्वदेशी रूप से विकसित कर रहा है। ‘SST-भारत’ का लक्ष्य 2060 तक 250 मेगावाट बिजली का उत्पादन करना है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा और ‘नेट जीरो 2070’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रणनीतिक रूप से अनिवार्य है ।

30 क्वांटम विज्ञान के सामरिक और सैन्य निहितार्थ: युद्ध के मैदान का भविष्य

भारत ने ‘राष्ट्रीय क्वांटम मिशन’ (National Quantum Mission) के माध्यम से भविष्य के युद्धक्षेत्र में अपनी बढ़त सुनिश्चित करने के लिए भारी निवेश किया है । क्वांटम विज्ञान पदार्थ के परमाणु और उप-परमाणु स्तर पर व्यवहार का अध्ययन करता है, जो सुपरफास्ट कंप्यूटिंग और अटूट सुरक्षा की गारंटी देता है।

सैन्य दृष्टिकोण से, क्वांटम सेंसर (Quantum Sensors) दुश्मन की पनडुब्बियों और स्टील्थ विमानों का पता लगाने में सक्षम होंगे जिन्हें पारंपरिक रडार नहीं देख सकते। साथ ही, ‘क्वांटम की-डिस्ट्रीब्यूशन’ (QKD) तकनीक भारत के सैन्य संचार को हैकिंग-प्रूफ बना देगी, जिससे अंतरिक्ष और साइबर युद्ध में भारत की स्थिति मजबूत होगी। इसरो और डीआरडीओ ने पहले ही 100 किमी से अधिक की दूरी तक क्वांटम संचार का सफल परीक्षण कर लिया है। यह तकनीक भविष्य में ‘क्रिप्टोग्राफिक युद्ध’ (Cryptographic Warfare) में भारत की सबसे बड़ी ढाल बनेगी .

31 भारतीय लोकतंत्र और विदेशी प्रभाव: संप्रभुता की रक्षा के लिए नए सुरक्षा उपाय

आधुनिक युग में सूचना युद्ध और डिजिटल दखलअंदाजी भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरी है । विदेशी ताकतों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से चुनाव को प्रभावित करने और समाज में ध्रुवीकरण पैदा करने की कोशिशों को देखते हुए सरकार ने ‘डिजिटल संप्रभुता’ के कानूनों को कड़ा किया है।

निर्वाचन आयोग और गृह मंत्रालय ने मिलकर एक ‘विदेशी हस्तक्षेप निगरानी प्रकोष्ठ’ (Foreign Interference Monitoring Cell) स्थापित किया है, जो संदिग्ध विदेशी फंडिंग और दुष्प्रचार (Disinformation) अभियानों की निगरानी करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना एक जटिल कार्य है, किंतु लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए पारदर्शी एल्गोरिदम और डेटा स्थानीयकरण (Data Localization) जैसे उपाय अनिवार्य हैं। भारत का लक्ष्य अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाहरी हेरफेर से पूरी तरह सुरक्षित बनाना है .

32 अल्पसंख्यकों का सशक्तिकरण: समावेशी भारत और ‘सबका विकास’ की संकल्पना

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम’ और ‘नई मंजिल’ जैसी योजनाओं का विस्तार किया है । इन कार्यक्रमों का केंद्र बिंदु शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता है ताकि इन समुदायों के युवा मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए छात्रवृत्ति वितरण में बिचौलियों को खत्म किया गया है, जिससे लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में पहुँच रहा है। इसके अतिरिक्त, ‘हुनर हाट’ जैसे आयोजनों ने अल्पसंख्यक कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार प्रदान किया है। सरकार का दृष्टिकोण तुष्टिकरण के बजाय सशक्तिकरण पर केंद्रित है, जो भारत के समावेशी निर्माण के लिए एक अनिवार्य शर्त है। यह प्रयास न केवल समुदायों के बीच आर्थिक असमानता को कम करेगा बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देगा।

33 सकारात्मक कार्रवाई (Positive Action): सामाजिक न्याय का मार्ग और नई चुनौतियाँ

भारतीय न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच ‘सकारात्मक कार्रवाई’ के सिद्धांतों पर पुनः विचार-विमर्श शुरू हुआ है । हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों ने अनुसूचित जातियों (SC) और जनजातियों (ST) के भीतर उप-वर्गीकरण (Sub-classification) की अनुमति दी है ताकि आरक्षण का लाभ उन समूहों तक भी पहुँच सके जो अभी भी विकास की दौड़ में सबसे पीछे हैं।

यह बहस सामाजिक न्याय के मार्ग और भेदभाव के प्रतिकार के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित है। ‘क्रीमी लेयर’ की अवधारणा को एससी-एसटी आरक्षण में लागू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सकारात्मक कार्रवाई केवल आरक्षण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक समान पहुँच भी शामिल होनी चाहिए। यह विमर्श आने वाले वर्षों में भारत के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को गहराई से प्रभावित करेगा।

34 16वाँ वित्त आयोग: अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में सहकारी संघवाद का नया अध्याय

नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में 16वें वित्त आयोग ने केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे (Vertical Devolution) के लिए अपनी सिफारिशें तैयार करना शुरू कर दिया है । इस आयोग का कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले अगले पाँच वर्षों के लिए होगा।

आयोग के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती दक्षिण भारतीय राज्यों की जनसांख्यिकीय चिंताओं (कम जनसंख्या वृद्धि के कारण करों में कमी का डर) और उत्तर भारतीय राज्यों की उच्च विकास आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाना है। इसके अलावा, आयोग आपदा प्रबंधन के लिए वित्तीय आवंटन और राज्यों के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करने के लिए नए मानक निर्धारित करेगा। यह आयोग भारतीय सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की दिशा और दशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

35 8वाँ केंद्रीय वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों के लिए नई आशा और आर्थिक प्रभाव

केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और सेवानिवृत्ति लाभों की समीक्षा के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी । यह आयोग बढ़ती मुद्रास्फीति और जीवन स्तर में बदलाव को देखते हुए ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) और न्यूनतम वेतन में वृद्धि की सिफारिश करेगा।

आयोग की रिपोर्ट का प्रभाव न केवल 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा, बल्कि राज्य सरकारें भी इसे अपने कर्मचारियों के लिए आधार बनाएंगी। आर्थिक दृष्टिकोण से, वेतन वृद्धि से बाजार में मांग (Consumer Demand) बढ़ेगी, जिससे जीडीपी विकास में मदद मिलेगी। हालांकि, इसका सरकारी खजाने पर पड़ने वाला बोझ राजकोषीय प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, जिसे संतुलित करना आयोग की मुख्य जिम्मेदारी होगी।

36 ‘नव्या’ (Navya) कार्यक्रम: किशोरियों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय ने संयुक्त रूप से ‘नव्या’ (Navya) कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य 16-18 वर्ष की किशोरियों को भविष्य के उद्योगों के लिए प्रशिक्षित करना है । यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन लड़कियों पर केंद्रित है जिन्होंने किन्हीं कारणों से स्कूल छोड़ दिया है या जो कौशल के अभाव में आर्थिक रूप से पिछड़ गई हैं।

नव्या के तहत लड़कियों को कोडिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) तकनीकों और ड्रोन संचालन जैसे गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे देश के 27 आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) में शुरू किया गया है। यह पहल न केवल महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी (LFPR) बढ़ाएगी बल्कि कम उम्र में होने वाले विवाहों और मानव तस्करी जैसे अपराधों को रोकने में भी सहायक सिद्ध होगी।

37 प्रतिभा सेतु (PRATIBHA Setu): यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए अवसरों का नया द्वार

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने ‘प्रतिभा सेतु’ (PRATIBHA Setu) नामक एक क्रांतिकारी डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है, जो उन मेधावी उम्मीदवारों के लिए एक ‘सेकंड गेटवे’ है जो साक्षात्कार चरण तक पहुँचने के बाद भी अंतिम चयन सूची में स्थान नहीं बना पाए । ‘प्रतिभा’ का पूर्ण रूप ‘प्रोफेशनल रिसोर्स एंड टैलेंट इंटीग्रेशन – ब्रिज फॉर हायरिंग एस्पिरेंट्स’ है।

यह पोर्टल उम्मीदवारों की सहमति से उनकी शैक्षणिक योग्यता और परीक्षा प्रदर्शन के विवरण सत्यापित निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के नियोक्ताओं (जैसे PSUs, रिसर्च विंग्स और स्टार्टअप्स) को उपलब्ध कराता है । ईएसआईसी (ESIC) ने इस पोर्टल के माध्यम से पहले ही 451 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती की है . यह पहल देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी में लगे युवाओं की बौद्धिक ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में सही दिशा देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे ‘ब्रेन ड्रेन’ को रोकने में मदद मिलेगी।

38 सिंधु जल संधि (IWT) का स्थगन: भारत-पाकिस्तान संबंधों में रणनीतिक मोड़

अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 1960 की ‘सिंधु जल संधि’ को स्थगित (Abeyance) करने का एक साहसी और रणनीतिक निर्णय लिया है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते” के सिद्धांत के तहत, भारत ने इस संधि के तहत पाकिस्तान के साथ किए जाने वाले नियमित डेटा साझाकरण और सहयोग को बंद कर दिया है .

इस स्थगन के बाद भारत ने चिनाब और सिंधु नदियों पर लंबित जलविद्युत परियोजनाओं (जैसे दुलहस्ती और सलाल विस्तार) और बांधों के निर्माण की गति तेज कर दी है । रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘हाइड्रोलॉजिकल लीवरेज’ (Hydrological Leverage) पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए दबाव बनाने का एक प्रभावी उपकरण है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान ने इसे ‘वाटर वॉर’ कहा है, किंतु भारत का पक्ष स्पष्ट है कि संधियाँ तभी चलती हैं जब दोनों पक्षों के बीच विश्वास और शांति हो .

39 चिनाब-रावी-सतलुज लिंक परियोजना: उत्तर भारत की जल सुरक्षा का नया रोडमैप

भारत सरकार ने सिंधु बेसिन की नदियों के पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए 113 किमी लंबी ‘चिनाब-रावी-सतलुज लिंक’ नहर परियोजना की व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) शुरू की है । इस परियोजना का उद्देश्य चिनाब नदी के अधिशेष पानी को रावी और सतलुज के माध्यम से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के सूखे इलाकों तक पहुँचाना है .

यह नहर नेटवर्क इंदिरा गांधी नहर प्रणाली से जुड़ेगा, जिससे राजस्थान के जैसलमेर और श्रीगंगानगर जैसे सीमावर्ती जिलों में सिंचाई सुविधाओं में भारी वृद्धि होगी । तकनीकी रूप से यह एक जटिल परियोजना है जिसमें कई सुरंगें और आधुनिक जल नियामक गेट शामिल होंगे . यह न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाएगी बल्कि पाकिस्तान की ओर जाने वाले अतिरिक्त पानी को रोककर भारत के वैध अधिकारों का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करेगी। इस परियोजना को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है .

40 शाहपुर कंडी बांध परियोजना: रावी नदी के पानी पर भारत का पूर्ण नियंत्रण

दशकों के विलंब के बाद, जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सीमा पर स्थित ‘शाहपुर कंडी बांध’ परियोजना मार्च 2026 तक पूरी होने के लिए तैयार है । इस बांध के चालू होने से रावी नदी का वह सारा पानी जो अब तक अनप्रयुक्त होकर पाकिस्तान जा रहा था, अब भारत के खेतों की प्यास बुझाएगा।

यह परियोजना न केवल 33,000 हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई प्रदान करेगी, बल्कि 206 मेगावाट स्वच्छ जलविद्युत का उत्पादन भी करेगी। रणनीतिक रूप से, यह बांध भारत की जल कूटनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सिद्ध करता है कि भारत अब अपने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उपयोग के प्रति गंभीर है। बांध के पूरा होने से क्षेत्र में औद्योगिक विकास और मत्स्य पालन के नए अवसर भी खुलेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी .

41 सलाल जलविद्युत परियोजना: ड्रेजिंग और परिचालन दक्षता में वृद्धि

सिंधु जल संधि के स्थगन के बाद, जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित सलाल पावर स्टेशन के जलाशय से गाद निकालने (Dredging) का कार्य पहली बार बड़े पैमाने पर शुरू किया गया है । संधि के कड़े नियमों के कारण पहले यह प्रक्रिया प्रतिबंधित थी, जिससे जलाशय की क्षमता 284 MCM से घटकर मात्र 9.91 MCM रह गई थी .

वर्तमान में चल रही ड्रेजिंग और ‘अंडर स्लूइस गेट्स’ (Under Sluice Gates) के संचालन से जलाशय की क्षमता में सुधार हुआ है, जिससे बिजली उत्पादन में 15-20% की वृद्धि होने की संभावना है । यह कदम न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाता है बल्कि बांध के जीवनकाल को भी दीर्घायु बनाता है। ऊर्जा मंत्रालय ने NHPC को निर्देश दिया है कि चिनाब बेसिन के अन्य बांधों (जैसे बगलिहार) में भी इसी तरह की सफाई प्रक्रिया अपनाई जाए ताकि जल संसाधनों का इष्टतम उपयोग हो सके .

42 ‘अमृत भारत’ स्टेशन योजना: 103 स्टेशनों का कायाकल्प और डिजिटल परिवर्तन

भारतीय रेलवे ने अपने बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ‘अमृत भारत’ स्टेशन योजना के तहत 18 राज्यों के 103 स्टेशनों का सफलतापूर्वक पुनर्विकास पूरा किया है । इन स्टेशनों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया ।

पुनर्विकसित स्टेशनों की मुख्य विशेषताओं में एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, विशाल ‘रूफ प्लाजा’ (Roof Plaza), दिव्यांग-अनुकूल प्रवेश द्वार, मुफ्त वाई-फाई और स्थानीय कला व संस्कृति का प्रदर्शन शामिल है । यह योजना न केवल यात्रियों के अनुभव को सुगम बनाती है बल्कि स्टेशनों के पास स्थित स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी गति देती है। रेलवे का लक्ष्य आगामी वर्षों में देश के 1300 से अधिक स्टेशनों को इसी तर्ज पर विकसित करना है, जिससे भारतीय रेल वैश्विक मानकों के समकक्ष पहुँच सके।

43 मिग-21 (Mig-21) की llससम्मान विदाई: भारतीय वायुसेना के ‘आकाश के प्रहरी’ का अंत

भारतीय वायुसेना ने 62 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद अपने पहले सुपरसोनिक लड़ाकू विमान मिग-21 को 26 सितंबर 2025 को अंतिम विदाई दे दी । ‘आकाश के प्रहरी’ के रूप में जाने जाने वाले इन विमानों ने 1965, 1971 और कारगिल युद्धों में भारत की हवाई रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाई थी।

विदाई समारोह चंडीगढ़ में आयोजित किया गया, जहाँ अंतिम मिग-21 दस्ते को ‘वॉटर कैनन सैल्यूट’ (Water Cannon Salute) दिया गया । हालांकि मिग-21 ने भारत की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया, किंतु हाल के वर्षों में सुरक्षा चिंताओं के कारण इन्हें बदलने की आवश्यकता थी। अब इनका स्थान पूरी तरह से स्वदेशी ‘तेजस’ (LCA Tejas) विमान लेंगे, जो भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का नया चेहरा हैं। यह विदाई एक युग का अंत और वायुसेना के आधुनिक एवं सुरक्षित भविष्य की शुरुआत है।

44 दलहन आत्मनिर्भरता मिशन 2025-2031: दालों के उत्पादन में भारत का नया संकल्प

भारत ने दालों के आयात पर निर्भरता खत्म करने के लिए 11,440 करोड़ रुपये के निवेश के साथ ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ (Pulses Self-sufficiency Mission) का शुभारंभ किया है । भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता है, फिर भी प्रतिवर्ष लाखों टन दालों का आयात करना पड़ता है।

इस मिशन का लक्ष्य 2030-31 तक देश में दालों के उत्पादन को 350 लाख टन तक पहुँचाना और उत्पादकता को 1130 किग्रा प्रति हेक्टेयर तक बढ़ाना है । इसके तहत किसानों को उन्नत किस्म के बीज, सिंचाई के लिए सब्सिडी और 100% न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी दी जा रही है। विशेष रूप से तुअर, उड़द और मसूर की खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘दाल हब’ (Pulse Hubs) विकसित किए जा रहे हैं। यह मिशन न केवल विदेशी मुद्रा की बचत करेगा बल्कि भारत की खाद्य सुरक्षा को भी अभेद्य बनाएगा।

45 ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’: भंडारण और फसल उपरांत प्रबंधन का आधुनिकीकरण

किसानों की उपज का सही मूल्य दिलाने और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान (Post-harvest losses) को न्यूनतम करने के लिए केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को मंजूरी दी है । इस योजना का मुख्य केंद्र ग्राम स्तर पर वैज्ञानिक भंडारण क्षमताओं (Warehousing) का विस्तार करना है।

योजना के तहत अगले पाँच वर्षों में 700 लाख टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना होगी। यह योजना सहकारी समितियों (PACs) के माध्यम से लागू की जा रही है, जिससे किसान अपनी उपज को बाजार में कीमतों की गिरावट के समय सुरक्षित रख सकेंगे और बाद में बेच सकेंगे। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि देश में खाद्यान्न की बर्बादी भी रुकेगी, जो वर्तमान में कुल उत्पादन का लगभग 10-15% है।

46 विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे आर्क ब्रिज: चिनाब पुल का लोकार्पण और कश्मीर का रेल जुड़ाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2025 को जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊँचे रेलवे आर्क ब्रिज (Arch Bridge) का उद्घाटन किया । यह पुल एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊँचा है और 213 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को सहन करने में सक्षम है।

इस पुल के शुरू होने के साथ ही ‘उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक’ (USBRL) के माध्यम से कश्मीर घाटी अब सीधे शेष भारत के रेल नेटवर्क से जुड़ गई है । यह सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि अब सेना और रसद की आवाजाही हर मौसम में सुगम हो जाएगी। इसके साथ ही भारत के पहले केबल-स्टेय्ड (Cable-stayed) रेल पुल ‘अंजी खड्ड’ का भी लोकार्पण किया गया। यह इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि कश्मीर के सामाजिक-आर्थिक एकीकरण को भी मजबूत करेगा।

47 ‘निक्षय मित्र’ और टीबी मुक्त भारत 2025: जन-भागीदारी से स्वास्थ्य क्रांति

भारत ने 2025 तक क्षय रोग (TB) को समाप्त करने के अपने राष्ट्रीय संकल्प की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति की है। ‘निक्षय मित्र’ पहल के तहत अब तक 10 लाख से अधिक टीबी रोगियों को गोद लिया गया है, जिन्हें आम नागरिकों और संस्थाओं द्वारा अतिरिक्त पोषण और भावनात्मक सहायता प्रदान की जा रही है .

स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत में टीबी की घटनाओं में 21% की कमी आई है और उपचार की सफलता दर 85% से ऊपर पहुँच गई है । सरकार अब ‘स्मार्ट मेडिकेशन रिमाइंडर्स’ और ‘एआई-आधारित एक्स-रे’ स्क्रीनिंग का उपयोग कर रही है ताकि शुरुआती स्तर पर ही मरीजों की पहचान हो सके। यह अभियान सिद्ध करता है कि बड़े स्वास्थ्य लक्ष्यों को केवल सरकारी तंत्र से नहीं, बल्कि सक्रिय जन-भागीदारी (Jan Andolan) से ही प्राप्त किया जा सकता है।

48 जीएसटी (GST) 2.0 संरचना: कर स्लैब में कमी और उपभोक्ता को भारी राहत

प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद, जीएसटी काउंसिल ने अपनी 56वीं बैठक में ऐतिहासिक सुधार करते हुए कर स्लैब की संख्या को 4 से घटाकर 2 (मुख्य रूप से 5% और 18%) कर दिया है । इस परिवर्तन का मुख्य उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना और आम आदमी की जेब पर बोझ कम करना है।

नए सुधारों के तहत, सौंदर्य प्रसाधन, घरेलू उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी 175 से अधिक वस्तुओं पर कर की दरें कम की गई हैं । सबसे महत्वपूर्ण राहत स्वास्थ्य और जीवन बीमा के प्रीमियम पर दी गई है, जिसे अब 18% से घटाकर 0% (कर मुक्त) कर दिया गया है । विशेषज्ञों का कहना है कि कर दरों में यह कटौती बाजार में मांग बढ़ाएगी और कर चोरी को कम करने में मदद करेगी। हालांकि, तंबाकू और विलासिता की वस्तुओं पर 40% का विशेष स्लैब अभी भी प्रभावी रहेगा ताकि सरकारी राजस्व को संतुलित किया जा सके .

वस्तु श्रेणीपुरानी दरनई दर (2025-26)
स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा18%0% (कर मुक्त)
छोटे वाहन (<1200cc)28%18%
सौंदर्य प्रसाधन, साबुन18%5%
जीवन रक्षक दवाएं12%0%
सीमेंट28%18%

49 निसार (NISAR) उपग्रह: पृथ्वी की निगरानी में भारत-अमेरिका सहयोग का नया शिखर

30 जुलाई 2025 को इसरो (ISRO) और नासा (NASA) के संयुक्त प्रयास से विकसित ‘निसार’ (NISAR) उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया गया । यह उपग्रह दुनिया का पहला ‘डुअल-बैंड’ (L and S) रडार इमेजिंग उपग्रह है, जो पृथ्वी की सतह पर होने वाले 1 सेंटीमीटर से भी छोटे परिवर्तनों को मापने में सक्षम है ।

निसार मिशन जलवायु परिवर्तन, समुद्री जल स्तर में वृद्धि, जंगलों की कटाई और प्राकृतिक आपदाओं (जैसे भूकंप और सुनामी) के पूर्वानुमान में क्रांतिकारी डेटा प्रदान करेगा । इसकी ‘स्वीप-सार’ (SweepSAR) तकनीक हर 12 दिनों में पूरी दुनिया का चक्कर लगाकर हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें देगी। रणनीतिक रूप से, यह उपग्रह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और संसाधन प्रबंधन के लिए भारत की क्षमताओं को कई गुना बढ़ा देगा। यह मिशन विज्ञान कूटनीति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ दो महाशक्तियां मानवता के लाभ के लिए हाथ मिला रही हैं।

50 अग्नि-प्राइम (Agni-Prime) का रेल-आधारित परीक्षण: भारत की परमाणु त्रिमूर्ति की नई ताकत

डीआरडीओ (DRDO) और सामरिक बल कमांड (SFC) ने 24 सितंबर 2025 को मध्यम दूरी की मारक क्षमता वाली ‘अग्नि-प्राइम’ मिसाइल का रेल-मोबाइल लॉन्चर से सफल परीक्षण किया । यह परीक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत को देश के किसी भी हिस्से से रेल नेटवर्क के माध्यम से परमाणु हथियार लॉन्च करने की क्षमता प्रदान करता है।

रेल-आधारित लॉन्चिंग प्रणाली को दुश्मन के उपग्रहों द्वारा ट्रैक करना और नष्ट करना अत्यंत कठिन होता है, जो भारत की ‘सेकंड-स्ट्राइक’ (Second-strike) क्षमता को अभेद्य बनाता है । अग्नि-प्राइम मिसाइल 2000 किमी तक सटीक मार कर सकती है और यह ‘कैनिस्टराइज्ड’ (Canisterised) है, जिसका अर्थ है कि इसे कहीं भी ले जाना और तुरंत दागना संभव है . रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की परमाणु निवारक (Nuclear Deterrence) नीति में एक “गेम-चेंजर” बताया है।

51 ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor): पाकिस्तान में आतंकी अड्डों पर सटीक प्रहार

पहलगाम में नागरिकों पर हुए कायरतापूर्ण हमले का जवाब देते हुए भारतीय वायुसेना ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया । इस ऑपरेशन के तहत नियंत्रण रेखा (LoC) के पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पंजाब प्रांत के नौ प्रमुख आतंकी शिविरों को नष्ट किया गया ।

इस अभियान में वायुसेना के राफेल और सुखोई विमानों ने हवा से जमीन पर मार करने वाली सटीक मिसाइलों (जैसे ब्रह्मोस) का उपयोग किया । रणनीतिक विशेषज्ञों ने इसे 1971 के बाद का सबसे साहसी हवाई हमला माना है, क्योंकि इसमें पहली बार पाकिस्तान के रडार और एयर-डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से निष्प्रभावी कर दिया गया था । इस ऑपरेशन ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत अब ‘सॉफ्ट स्टेट’ नहीं है और अपनी सुरक्षा के लिए सीमा पार जाकर कार्रवाई करने की क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति रखता है .

52 ‘प्रलय’ (Pralay) मिसाइल तैनाती: रॉकेट फोर्स के गठन की ओर भारत का कदम

भारतीय सेना ने अपनी मारक क्षमता को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए ‘प्रलय’ मिसाइल की दो रेजिमेंटों को चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात करने का निर्णय लिया है । 150 से 500 किमी की मारक क्षमता वाली यह सतह से सतह पर मार करने वाली टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल है।

‘प्रलय’ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ‘क्वासी-बैलिस्टिक’ (Quasi-ballistic) प्रक्षेपवक्र है, जिसके कारण यह हवा में अपनी दिशा बदल सकती है और दुश्मन के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकती है। यह मिसाइल पूरी तरह से ठोस ईंधन पर आधारित है और इसे कुछ ही मिनटों में मोबाइल लॉन्चर से दागा जा सकता है। यह तैनाती भारत की प्रस्तावित ‘रॉकेट फोर्स’ (Rocket Force) की नींव है, जो लंबी दूरी के युद्ध में पारंपरिक हथियारों की कमी को पूरा करेगी।

53 भारत-इजराइल मुक्त व्यापार समझौता (FTA) निष्कर्ष: रक्षा और तकनीक में नई साझेदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजराइल यात्रा के दौरान दोनों देशों ने बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पूरी कर ली है । यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उच्च तकनीक, साइबर सुरक्षा और जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक रणनीतिक गठबंधन है।

समझौते के तहत, भारतीय स्टार्टअप्स को इजराइल के उन्नत तकनीकी इकोसिस्टम तक सीधी पहुँच मिलेगी, जबकि इजराइली कंपनियां भारत को अपना विनिर्माण हब (Manufacturing Hub) बनाएंगी। विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में, ‘को-डेवलपमेंट’ (Co-development) और ‘को-प्रोडक्शन’ को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे भारत को अत्याधुनिक मिसाइल और ड्रोन तकनीक प्राप्त होगी। यह समझौता मध्य पूर्व में भारत की कूटनीतिक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करता है।

54 ओमान के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी (CEPA): खाड़ी देशों में भारत का विस्तार

दिसंबर 2025 में भारत और ओमान ने ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (CEPA) पर हस्ताक्षर किए, जो खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों के साथ भारत का दूसरा ऐसा समझौता है । ओमान ने भारत के 99% से अधिक निर्यात उत्पादों को शून्य शुल्क प्रवेश (Zero Duty Access) प्रदान किया है ।

यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि ओमान भारत को कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस प्रदान करने वाला एक प्रमुख भागीदार है। बदले में, भारतीय आईटी सेवाएं, कृषि उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स ओमान के माध्यम से अन्य खाड़ी और अफ्रीकी बाजारों तक अपनी पहुँच बढ़ा सकेंगे। रणनीतिक रूप से, ओमान का ‘दुकम’ (Duqm) बंदरगाह भारत के समुद्री व्यापार और नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।

55 130वाँ संविधान संशोधन विधेयक: राजनीति के अपराधीकरण पर निर्णायक प्रहार

संसद में पेश किए गए 130वें संविधान संशोधन विधेयक का उद्देश्य भारतीय लोकतंत्र की शुचिता को बहाल करना है । इस विधेयक के अनुसार, यदि कोई निर्वाचित जन-प्रतिनिधि (मंत्री या मुख्यमंत्री) किसी गंभीर अपराध में 30 दिनों से अधिक समय तक जेल में रहता है, तो उसे पद से हटा दिया जाएगा ।

यह कानून उस विसंगति को दूर करता है जहाँ नेता जेल से भी सरकार चलाते थे, जो नैतिक रूप से गलत और प्रशासनिक रूप से बाधित था। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि यदि बाद में वह व्यक्ति निर्दोष पाया जाता है, तो उसे पद पर पुनः नियुक्त किया जा सकता है । हालांकि, विपक्ष ने इसे ‘संघीय ढांचे’ पर हमला बताया है, किंतु सरकार का तर्क है कि यह जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। यह विधेयक भारत के राजनीतिक इतिहास में एक बड़े शुद्धि अभियान की शुरुआत माना जा रहा है .

56 वक्फ संशोधन अधिनियम 2025: संपत्तियों का पारदर्शी प्रबंधन और महिलाओं की भागीदारी

भारत सरकार ने वक्फ बोर्डों की कार्यप्रणाली में सुधार और संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए ‘वक्फ संशोधन अधिनियम 2025’ लागू किया है। इस नए कानून के तहत वक्फ की सभी संपत्तियों का अनिवार्य रूप से ‘डिजिटल पंजीकरण’ और ‘जियो-मैपिंग’ किया जाएगा ।

अधिनियम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि अब वक्फ बोर्डों में महिलाओं और गैर-मुस्लिम विशेषज्ञों का होना अनिवार्य होगा, जिससे निर्णयों में विविधता और पारदर्शिता आएगी। वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय को अब अनिवार्य रूप से मुस्लिम समुदाय की शिक्षा, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा और आधुनिक अस्पतालों के निर्माण पर खर्च किया जाएगा। यह सुधार वक्फ को एक बंद संस्था के स्थान पर एक जवाबदेह और जनकल्याणकारी निकाय में बदल देगा।

57 राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025: वैज्ञानिक प्रतिभा का सर्वोच्च सम्मान

भारत सरकार ने वर्ष 2025 के ‘राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों’ की घोषणा की है, जो अब देश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान बन गए हैं । ये पुरस्कार पद्म पुरस्कारों की तर्ज पर चार श्रेणियों—विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा और विज्ञान टीम—में प्रदान किए गए हैं ।

विजेताओं का चयन 13 वैज्ञानिक क्षेत्रों (जैसे अंतरिक्ष, कृषि, चिकित्सा, भौतिकी आदि) में उनके असाधारण योगदान के आधार पर किया गया है । ये पुरस्कार यह दर्शाते हैं कि भारत अब अनुसंधान और नवाचार (R&D) को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में ला रहा है। सरकार ने इस वर्ष विज्ञान बजट में भी 20% की वृद्धि की है ताकि युवा वैज्ञानिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पुरस्कार श्रेणीविजेताओं की संख्या (2025)मुख्य फोकस
विज्ञान रत्न1आजीवन उपलब्धि
विज्ञान श्री8विशिष्ट योगदान
विज्ञान युवा14युवा प्रतिभा (45 वर्ष से कम)
विज्ञान टीम1सामूहिक अनुसंधान

58 प्रो. जयंत विष्णु नार्लीकर: मरणोपरांत ‘विज्ञान रत्न’ से सम्मानित

प्रसिद्ध खगोल भौतिक विज्ञानी और ब्रह्मांड विज्ञानी प्रो. जयंत विष्णु नार्लीकर को मरणोपरांत वर्ष 2025 का ‘विज्ञान रत्न’ पुरस्कार प्रदान किया गया है । नार्लीकर को हॉयल-नार्लीकर सिद्धांत और ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर उनके क्रांतिकारी कार्यों के लिए जाना जाता है ।

उन्होंने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय विज्ञान का मान बढ़ाया, बल्कि उन्होंने ‘IUCAA’ (Inter-University Centre for Astronomy and Astrophysics) जैसी संस्था की स्थापना कर भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान की एक नई पौध तैयार की। विज्ञान को सरल भाषा में आम लोगों तक पहुँचाने के लिए उनकी लिखी पुस्तकें आज भी लाखों छात्रों को प्रेरित करती हैं। यह सम्मान उनके अदम्य वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शिक्षा के प्रति समर्पण को राष्ट्र की ओर से एक विनम्र श्रद्धांजलि है।

59 सीएसआईआर (CSIR) अरोमा मिशन: ‘बैंगनी क्रांति’ (Purple Revolution) के लिए ‘विज्ञान टीम’ पुरस्कार

जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण इलाकों में ‘लैवेंडर’ (Lavender) की खेती के माध्यम से किसानों की आय में 4 गुना वृद्धि करने वाली सीएसआईआर अरोमा मिशन की टीम को वर्ष 2025 का ‘विज्ञान टीम’ पुरस्कार दिया गया है । इस मिशन को भारत में ‘बैंगनी क्रांति’ का जनक माना जाता है।

वैज्ञानिकों ने लैवेंडर की ऐसी किस्में विकसित कीं जो पहाड़ी और कम उपजाऊ भूमि पर भी आसानी से उग सकती हैं। इस मिशन ने न केवल भारत को सुगंधित तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद की, बल्कि हजारों ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उद्यमी बनाया है । यह सफलता सिद्ध करती है कि प्रयोगशाला का विज्ञान जब सीधे खेत से जुड़ता है, तो वह राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन ला सकता है।

60 नोबेल शांति पुरस्कार 2025: मारिया कोरीना मचाडो का लोकतंत्र के लिए संघर्ष

वर्ष 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की साहसी विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को प्रदान किया गया है । उन्हें तानाशाही शासन के विरुद्ध लोकतंत्र की बहाली और मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए उनके अटूट संघर्ष के लिए सम्मानित किया गया है।

नोबेल समिति ने कहा कि मचाडो का संघर्ष दुनिया भर के उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है जो दमनकारी सत्ताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने धमकियों और जेल की संभावनाओं के बावजूद अपने देश में निष्पक्ष चुनावों की मांग जारी रखी। यह पुरस्कार इस बात की पुष्टि करता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ‘ग्लोबल साउथ’ में नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए हुए है।

61 नोबेल साहित्य पुरस्कार 2025: लास्ज़लो क्रास्नाहोरकाई की दार्शनिक लेखनी

हंगरी के विश्वविख्यात लेखक लास्ज़लो क्रास्नाहोरकाई (Laszlo Krasznahorkai) को वर्ष 2025 के नोबेल साहित्य पुरस्कार से नवाजा गया है । उनकी कृतियाँ जीवन की अस्तित्वगत जटिलताओं (Existential Complexities) और मानवीय नियति के गहन विश्लेषण के लिए जानी जाती हैं।

क्रास्नाहोरकाई की लेखन शैली, जिसमें लंबे और जटिल वाक्य होते हैं, पाठक को एक अलग ही मानसिक धरातल पर ले जाती है। उनके उपन्यास ‘सैटेंटैंगो’ (Satantango) को आधुनिक साहित्य का उत्कृष्ट नमूना माना जाता है। स्वीडिश अकादमी ने उन्हें “एक ऐसी आवाज़” बताया है जो हमारी सभ्यता के नैतिक और आध्यात्मिक संकट को शब्दों में पिरोने की क्षमता रखती है। उनके सम्मान से यूरोपीय साहित्य की एक विशिष्ट धारा को पुनः वैश्विक पहचान मिली है।

62 विज्ञान और अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार 2025: नवाचार और भविष्य का विज्ञान

वर्ष 2025 के विज्ञान के नोबेल पुरस्कारों ने भविष्य की तकनीकों और आर्थिक मॉडलों को सम्मानित किया है :

  • भौतिकी (Physics): जॉन क्लार्क, मिशेल डेवोरेट और जॉन मार्टिनिस (अमेरिका) को क्वांटम कंप्यूटिंग में सुपरकंडक्टिंग बिट्स (Qubits) के विकास के लिए। यह तकनीक भविष्य के कंप्यूटरों की गति को करोड़ों गुना बढ़ा देगी।
  • रसायन (Chemistry): सुसुमु कितागावा (जापान), रिचर्ड रॉबसन (ऑस्ट्रेलिया) और ओमर यागी (अमेरिका) को ‘मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स’ (MOFs) के लिए। यह तकनीक कार्बन कैप्चर और स्वच्छ ऊर्जा के लिए क्रांतिकारी है।
  • चिकित्सा (Medicine): मैरी ब्रुंको, फ्रेड राम्सडेल और शिगेओ साकागुची को ‘इम्यूनोलॉजी’ में महत्वपूर्ण खोजों के लिए, जिससे कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों का नया इलाज संभव होगा।
  • अर्थशास्त्र (Economics): जोएल मोकीर, फिलिप एघियन और पीटर होविट को इस बात के अध्ययन के लिए कि कैसे तकनीकी नवाचार लंबी अवधि के आर्थिक विकास को संचालित करते हैं।

63 फिल्मफेयर पुरस्कार 2025: ‘लापता लेडीज़’ की अभूतपूर्व सफलता

अहमदाबाद में आयोजित 70वें फिल्मफेयर पुरस्कार समारोह में किरण राव द्वारा निर्देशित फिल्म ‘लापता लेडीज़’ (Laapataa Ladies) ने इतिहास रचते हुए सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक सहित कुल 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीते । यह फिल्म ग्रामीण भारत की महिलाओं के संघर्ष और सशक्तिकरण को व्यंग्य और संवेदना के साथ प्रस्तुत करती है।

पुरस्कारों की अन्य प्रमुख श्रेणियों में अभिषेक बच्चन को ‘आई वांट टू टॉक’ और कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया । आलिया भट्ट ने ‘जिगरा’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अपना तीसरा लगातार पुरस्कार जीता । महोत्सव ने यह सिद्ध किया कि भारतीय दर्शक अब बड़े सितारों के बजाय ‘विषय-प्रधान’ (Content-driven) सिनेमा को अधिक पसंद कर रहे हैं। ’12वीं फेल’ के लिए विक्रांत मैसी को क्रिटिक्स च्वाइस में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिलना भी इसी रुझान की पुष्टि करता है।

64 जीनत अमान और श्याम बेनेगल: लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार 2025

भारतीय सिनेमा में अपने असाधारण योगदान के लिए अभिनेत्री जीनत अमान और दिग्गज फिल्मकार श्याम बेनेगल (मरणोपरांत) को फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है । जीनत अमान ने 70 के दशक में भारतीय फिल्मों में नायिका की पारंपरिक छवि को बदलकर उसे आधुनिक और स्वतंत्र पहचान दिलाई थी।

वहीं श्याम बेनेगल को ‘अंकुर’, ‘मंथन’ और ‘भूमिका’ जैसी फिल्मों के माध्यम से भारतीय समानांतर सिनेमा (Parallel Cinema) को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए याद किया गया . समारोह के दौरान अमिताभ बच्चन के 83वें जन्मदिन पर उन्हें विशेष सम्मान दिया गया, जो भारतीय सिनेमा की समृद्ध विरासत का उत्सव था। यह पुरस्कार नई पीढ़ी के कलाकारों को सिनेमा की कलात्मक गहराई और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रेरित करते हैं।

65 सीएट (CEAT) क्रिकेट रेटिंग्स 2025: रोहित शर्मा का ‘लीडरशिप’ सम्मान

मुंबई में आयोजित 27वें सीएट (CEAT) क्रिकेट रेटिंग्स पुरस्कारों में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को उनकी असाधारण कप्तानी और ‘लीडरशिप’ के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया । रोहित के नेतृत्व में भारतीय टीम ने 2024-25 के सत्र में सभी प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन किया है।

इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट को ‘वर्ष का सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज’ चुना गया, जबकि मोहम्मद शमी को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज का सम्मान मिला। महिला क्रिकेट में स्मृति मंधाना को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर’ चुना गया। सीएट रेटिंग्स अपने सटीक सांख्यिकीय विश्लेषण के लिए जानी जाती है, और इन पुरस्कारों ने खिलाड़ियों के व्यक्तिगत कौशल के साथ-साथ उनके खेल के प्रति समर्पण को भी मान्यता दी है।

66 भारतीय स्टेट बैंक (SBI): ‘विश्व का सर्वश्रेष्ठ उपभोक्ता बैंक’ 2025 का गौरव

अमेरिकी वित्तीय पत्रिका ‘ग्लोबल फाइनेंस’ (Global Finance) ने वर्ष 2025 के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को ‘विश्व का सर्वश्रेष्ठ उपभोक्ता बैंक’ (World’s Best Consumer Bank) घोषित किया है । यह सम्मान एसबीआई के व्यापक डिजिटल परिवर्तन और ग्राहकों के लिए सुलभ बैंकिंग सेवाओं का परिणाम है।

एसबीआई के डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘योनो’ (YONO) ने 7 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के साथ दुनिया के सबसे सफल बैंकिंग ऐप्स में अपनी जगह बनाई है। पत्रिका ने एसबीआई की वित्तीय स्थिरता, ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँच और अत्याधुनिक तकनीक के सफल उपयोग की सराहना की है। यह उपलब्धि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध करती है और एसबीआई को वैश्विक वित्तीय प्रतिस्पर्धा में सबसे आगे खड़ा करती है।

67 71वाँ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: ’12वीं फेल’ और ‘सैम बहादुर’ का राष्ट्रीय सम्मान

वर्ष 2023 की फिल्मों के लिए घोषित 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ’12वीं फेल’ को ‘सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म’ चुना गया है । यह फिल्म आईपीएस मनोज शर्मा के संघर्ष की प्रेरक कहानी है जिसने पूरे देश के युवाओं का दिल जीत लिया।

मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित ‘सैम बहादुर’ को राष्ट्रीय मूल्यों और वीरता के प्रदर्शन के लिए विशेष सम्मान मिला । सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार रानी मुखर्जी को ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ में उनके सशक्त अभिनय के लिए प्रदान किया गया। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों ने इस बार क्षेत्रीय सिनेमा, विशेषकर मलयालम और तमिल फिल्मों को भी उनकी तकनीकी श्रेष्ठता के लिए सराहा है। ये पुरस्कार भारतीय सिनेमा की भाषाई विविधता और कहानियों की मौलिकता का एक सच्चा उत्सव हैं।

68 मिस वर्ल्ड 2025: थाईलैंड की ओपल सुचाता ने जीता ‘विश्व सुंदरी’ का ताज

हैदराबाद के भव्य जीएमसी बालयोगी इंडोर स्टेडियम में आयोजित 72वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का खिताब थाईलैंड की ओपल सुचाता चुआंगश्री (Opal Suchata Chuangsri) ने जीता । यह पहली बार है जब थाईलैंड की किसी सुंदरी ने यह प्रतिष्ठित वैश्विक ताज अपने नाम किया है।

भारत की सिनी शेट्टी ने प्रतियोगिता में शीर्ष 10 में स्थान बनाकर भारतीय सुंदरता और बुद्धिमानी का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता की थीम ‘ब्यूटी विद ए पर्पस’ (Beauty with a Purpose) के तहत सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर जोर दिया गया। हैदराबाद में इस आयोजन ने भारत की वैश्विक इवेंट मैनेजमेंट क्षमता और पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है। विजेता ओपल सुचाता अब वर्ष भर विश्व स्तर पर मानवता और शांति के लिए काम करेंगी।

69 अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 (IITF): ‘विकसित भारत @ 2047’ की थीम पर केंद्रित

नई दिल्ली के प्रगति मैदान (भारत मंडपम) में आयोजित 44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले ने इस बार ‘विकसित भारत @ 2047’ की थीम पर अपनी छाप छोड़ी । मेले में 30 से अधिक देशों की कंपनियों ने भाग लिया, जहाँ भारत की विनिर्माण क्षमता और ‘स्टार्टअप इंडिया’ की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।

इस वर्ष के मेले का मुख्य आकर्षण ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ और ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी’ पवेलियन रहे। मेले में झारखंड और बिहार को ‘फोकस स्टेट’ के रूप में चुना गया था, जिन्होंने अपनी लोक कलाओं और औद्योगिक प्रगति का शानदार प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मेले के माध्यम से 50,000 करोड़ रुपये से अधिक के व्यापारिक समझौतों की संभावना है, जो भारतीय निर्यातकों के लिए नए वैश्विक बाजार खोलेगा।

प्रतियोगिता दर्पण जनवरी 2026

70 पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS) 2025: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग

कुआलालंपुर (मलेशिया) में आयोजित पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन 2025 में भारत ने हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया । प्रधानमंत्री मोदी ने ‘आसियान की केंद्रीयता’ (ASEAN Centrality) पर जोर देते हुए चीन की विस्तारवादी नीतियों के विरुद्ध एक नियम-आधारित व्यवस्था की वकालत की।

सम्मेलन में साइबर सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सहयोग पर पाँच प्रमुख घोषणाएं की गईं। भारत ने घोषणा की कि वह ‘हिंद-प्रशांत महासागर पहल’ (IPOI) के तहत क्षेत्र के देशों को तकनीकी और आपदा प्रबंधन सहायता प्रदान करेगा। यह शिखर सम्मेलन दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को और अधिक सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मंच साबित हुआ है।

71 वैश्विक भुखमरी सूचकांक (GHI) 2025: भारत की स्थिति और पोषण अभियान का प्रभाव

हाल ही में जारी वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2025 में भारत की रैंकिंग में मामूली सुधार देखा गया है, हालांकि यह अभी भी गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। भारत सरकार ने इस सूचकांक के डेटा संग्रह के तरीकों पर सवाल उठाते हुए इसे ‘त्रुटिपूर्ण’ बताया है, क्योंकि इसमें ‘परसेप्शन आधारित’ आंकड़ों का अधिक उपयोग किया गया है।

इसके बावजूद, सरकार ने ‘पोषण 2.0’ (POSHAN 2.0) और ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ (PMGKAY) को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ‘चाइल्ड वेस्टिंग’ (Child Wasting) की दर अभी भी चिंताजनक है। सरकार अब फोर्टिफाइड (Fortified) चावल और बाजरा (Millets) के वितरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर किया जा सके। 2026 तक कुपोषण दर को एक अंक (Single digit) तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।

72 भारत की पहली जल मेट्रो (Water Metro) का विस्तार: कोच्चि के बाद वाराणसी में भी शुरुआत

केरल के कोच्चि में जल मेट्रो की अभूतपूर्व सफलता के बाद, अब उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी भारत की दूसरी जल मेट्रो परियोजना का शुभारंभ किया गया है। यह जल मेट्रो गंगा नदी के विभिन्न घाटों को आपस में जोड़ेगी, जिससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा और प्रदूषण में कमी आएगी।

ये जल मेट्रो पूरी तरह से सौर ऊर्जा और बैटरी से संचालित हैं, जो ‘शून्य उत्सर्जन’ (Zero Emission) सुनिश्चित करती हैं। वाराणसी की जल मेट्रो को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह शहर की पारंपरिक स्थापत्य कला को भी प्रदर्शित करे। विशेषज्ञों का मानना है कि नदियों के किनारे बसे भारतीय शहरों के लिए जल मेट्रो भविष्य का सबसे टिकाऊ और सस्ता सार्वजनिक परिवहन समाधान है। इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी एक नई दिशा मिलेगी।

73 ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु 2025’: खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों के बीच, भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु 2025’ की शुरुआत की है। भारतीय नौसेना के विशाल युद्धपोत INS विक्रमादित्य और INS कोलकाता को इस मिशन में तैनात किया गया है।

अब तक 10,000 से अधिक भारतीयों को कुवैत और लेबनान के बंदरगाहों से सुरक्षित भारत लाया गया है। विदेश मंत्रालय ने ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित किए हैं जो चौबीसों घंटे प्रवासियों की सहायता कर रहे हैं। यह ऑपरेशन भारत की ‘नागरिक-केंद्रित कूटनीति’ (Citizen-centric Diplomacy) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो सिद्ध करता है कि दुनिया के किसी भी कोने में मुसीबत में फंसे भारतीयों के लिए भारत सरकार सदैव तत्पर है।

74 डिजिटल J&K: अनुच्छेद 370 के हटने के बाद गवर्नेंस में क्रांतिकारी बदलाव

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने घोषणा की है कि राज्य की सभी 450 सरकारी सेवाएं अब पूरी तरह से ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का पहला पूरी तरह से ‘डिजिटल केंद्र शासित प्रदेश’ बन गया है। ‘भ्रष्टाचार मुक्त जम्मू-कश्मीर’ अभियान के तहत ई-गवर्नेंस के माध्यम से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।

पर्वतीय क्षेत्रों में 5G नेटवर्क के विस्तार और ‘ई-उन्नत’ पोर्टल के माध्यम से अब दूर-दराज के गांवों के लोग भी अपने घर बैठे प्रमाण-पत्र और पेंशन के लिए आवेदन कर पा रहे हैं। इस डिजिटल क्रांति ने युवाओं के लिए नए स्टार्टअप और रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सुशासन और विकास ही कट्टरपंथ के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है, और डिजिटल गवर्नेंस इस दिशा में एक निर्णायक कदम है।

75 भारत का लक्ष्य 2047: ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ते निर्णायक कदम

जनवरी 2026 का यह समय भारत के लिए ‘अमृत काल’ का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है। सरकार ने ‘विकसित भारत @ 2047’ के विजन को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक मंत्रालय के लिए लघु-अवधि और दीर्घ-अवधि के लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इसमें प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करना, शत-प्रतिशत साक्षरता और शुद्ध शून्य उत्सर्जन (Net Zero) की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति शामिल है।

भारत अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि एक ‘वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी केंद्र’ के रूप में पहचाना जा रहा है। रक्षा आत्मनिर्भरता, अंतरिक्ष अन्वेषण, डिजिटल अर्थव्यवस्था और हरित ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत की प्रगति यह संकेत देती है कि 2047 तक भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा। यह यात्रा केवल आर्थिक विकास की नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विजन के सफल समन्वय की गाथा है।

निष्कर्ष

प्रतियोगिता दर्पण जनवरी 2026 के इन 75 बिंदुओं का सूक्ष्म विश्लेषण यह स्पष्ट करता है कि भारत वर्तमान में एक बहुआयामी और परिवर्तनकारी विकास के दौर से गुजर रहा है। राजनीतिक स्थिरता (बिहार चुनाव), सैन्य शक्ति का विस्तार (अग्नि-प्राइम और ऑपरेशन सिंदूर), और तकनीकी नवाचार (निसार उपग्रह और एआई मिशन) भारत की उभरती हुई वैश्विक पहचान के प्रमुख स्तंभ हैं। आर्थिक क्षेत्र में जीएसटी 2.0 और नई श्रम संहिताओं ने व्यापार करने की सुगमता को एक नए स्तर पर पहुँचाया है, जो भविष्य के निवेश के लिए उर्वर भूमि तैयार कर रहा है।

सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर, ‘वंदे मातरम्’ का स्मरणोत्सव और यूनेस्को की मान्यताएं भारत की सॉफ्ट पावर को सुदृढ़ करती हैं। हालांकि, भुखमरी सूचकांक और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे निरंतर प्रयासों की मांग करते हैं। 130वें संविधान संशोधन जैसे कदम राजनीति में नैतिकता लाने के संकल्प को दर्शाते हैं। समग्र रूप से, ये घटनाक्रम भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के पथ पर मजबूती से अग्रसर कर रहे हैं। यह प्रतिवेदन न केवल प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है, बल्कि यह एक सशक्त और आधुनिक भारत की उभरती हुई तस्वीर का प्रामाणिक दस्तावेज़ भी है।

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Shubham Mahto

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